अध्याय 7
Reprint 2025-26
हिंदी साहित्य में रहीम के दोहे अपनी नीतिपरक शिक्षाओं और सरल अभिव्यक्ति के लिए जाने जाते हैं। रहीम (1556-1626) मध्ययुगीन दरबारी संस्कृति के प्रतिनिधि कवि थे, जिन्होंने अकबर के दरबार में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया था।
इस इंटरैक्टिव पाठ में हम रहीम के जीवन, उनकी भाषा और दोहों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। दोहों के माध्यम से रहीम के मूल विचारों और संदेशों को समझेंगे, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
प्रस्तुत पाठ में रहीम के नीतिपरक दोहे दिए गए हैं। ये दोहे जहाँ एक ओर पाठक को औरों के साथ कैसा बरताव करना चाहिए, इसकी शिक्षा देते हैं, वहीं मानव मात्र को करणीय और अकरणीय आचरण की भी नसीहत देते हैं।
रहीम अरबी, फ़ारसी, संस्कृत और हिंदी के अच्छे जानकार थे। इनकी नीतिपरक उक्तियों पर संस्कृत कवियों की स्पष्ट छाप परिलक्षित होती है। रहीम अकबर के नवरत्नों में से एक थे और उनके दोहे सर्वसाधारण को आसानी से याद हो जाते हैं।
इन्हें एक बार पढ़ लेने के बाद भूल पाना संभव नहीं है और उन स्थितियों का सामना होते ही इनका याद आना लाज़िमी है, जिनका इनमें चित्रण है।
दोहे शब्द के अर्थ और महत्व पर विचार कीजिए। आपके अनुसार, नीतिपरक शिक्षाओं की महत्ता क्यों है? आधुनिक संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
रहीम के दोहों में प्रयुक्त शब्दों के प्रचलित रूप जानिए:
रहीम की भाषा में और दोनों भाषाओं पर समान अधिकार था।
रहीम के दोहे विषय पर आधारित हैं।
रहीम के नवरत्नों में से एक थे।
रहीम का पूरा नाम था।
रहीम का जन्म में हुआ था।
पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप उदाहरण के अनुसार लिखिए:
उदाहरण - कोय → कोई, जे → जो
ज्यों का प्रचलित रूप है:
कछु का प्रचलित रूप है:
नहिं का प्रचलित रूप है:
कोय का प्रचलित रूप है:
धनि का प्रचलित रूप है:
आखर का प्रचलित रूप है:
जिय का प्रचलित रूप है:
थोरे का प्रचलित रूप है:
रहीम के जीवन के बारे में सुनिए और नोट्स बनाइए। फिर पहले बॉक्स में अपने नोट्स और दूसरे बॉक्स में एक कथात्मक विवरण लिखिए।
रहीम के निम्नलिखित दोहे पर विचार कीजिए:
इस दोहे का अर्थ अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए। आपके विचार से प्रेम के संबंधों में क्या सावधानी बरतनी चाहिए? अपने विचार अपने साथी से साझा कीजिए।
रहीम के दोहों में व्यक्त विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें। निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर अपना उत्तर चुनें:
चार के समूह में कार्य करें। रहीम के जीवन और उनके दोहों के बारे में जानकारी एकत्र करें। निम्नलिखित बिंदुओं पर परियोजना के लिए जानकारी एकत्र करें:
एकत्रित जानकारी और चित्रों का उपयोग करके एक पोस्टर तैयार करें और कक्षा में प्रदर्शित करें।
रहीम के बारे में एक प्रसिद्ध कथा है। कहा जाता है कि एक बार अकबर ने रहीम से पूछा कि वे कितने भाषाओं के जानकार हैं। रहीम ने उत्तर दिया कि वे चार भाषाओं के जानकार हैं - अरबी, फ़ारसी, संस्कृत और हिंदी। अकबर ने कहा कि यह तो बहुत कम है। रहीम ने कहा, "हुजूर, मैं इन चार भाषाओं को ऐसे जानता हूँ जैसे कोई अपनी मातृभाषा जानता है।"
यह कथा रहीम की बहुभाषी प्रतिभा और उनकी विनम्रता का सार प्रस्तुत करती है।